डायबिटीज

कैसे करें डायबिटीज कंट्रोल ? संसार भर में मधुमेह रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है विशेष रूप से भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति को है

डायबिटीज निवारक आयुर्वेदिक काढ़ा

डायबिटीज निवारक आयुर्वेदिक काढ़ा शुगर की समस्या को जड़ से ख़त्म करने की खास औषधि हे। यह औषधि काढ़ा शरीर में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करके इन्सुलिन की मात्रा बढ़ाता हे और शरीर में कार्बोहायड्रेट और फैट के मेटाबोलिज्म को कण्ट्रोल करता है.मेटाबोलिज्म से अर्थ है उस प्रक्रिया से जिसमे शरीर खाने को पचाता है ताकि शरीर को उर्जा मिल सके और उसका विकास हो सके और मधुमेह पर काबू पाया जा सके, डायबिटीज निवारक आयुर्वेदिक चूर्ण खून में सामान्य से अधिक बढ़ा हुआ शुगर का लेवल फिर से कम करता हे और शरीर के अनेक अंगों जैसे गुर्दे (Kidney),ह्रदय (Heart),धमनियां (Arteries) आँखें (Eyes) त्वचा (Skin) तथा नाड़ी तंत्र (Nervous System) को नुकसान होने से बचाता हे

क्या होता है मधुमेह और डायबिटीज ?

इस बीमारी में रक्त में ग्लूकोज (blood sugar level) का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है तथा रक्त की कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग नहीं कर पाती है ऐसा दो वजहों से हो सकता है :या तो आपका शरीर पर्याप्त मात्रा में इन्सुलिन (insulin) नहीं बना पा कर रहा है या फिर आपकी कोशिकाये बन रही इंसुलिन पर प्रतिक्रिया नहीं कर रहे.

डायबिटीज के लक्षण

  •  अधिक प्यास या भूख लगना
  • अचानक वज़न का घट जाना
  • लगातार कमजोरी और थकावट महसूस करना
  • घाव भरने में ज्यादा वक़्त लगना
  • बार-बार पेशाब होना
  • चीजों का धुंधला नज़र आना
  •  त्वचा में संक्रमण होना और खुजली होना

डायबिटीज के कारण (Causes of Diabetes )

खान पान एवं लाइफ स्टाइल की गलत आदतें (bad habits) जैसे मधुर एवं भारी भोजन का अधिक सेवन करना,चाय, दूध आदि में चीनी का ज्यादा सेवन,कोल्ड ड्रिंक्स एवं अन्य सॉफ्ट ड्रिंक्स अधिक पीना,शारीरिक परिश्रम ना करना,मोटापा,तनाव,धूम्रपान,तम्बाकू,आनुवंशिकता आदि डायबिटीज के प्रमुख कारण हैं|

डायबिटीज निवारक आयुर्वेदिक काढ़ा चूर्ण लेना क्यों जरुरी हे.?

किन्हीं रोगियों में रोगमारक औषधियों, यहाँ तक कि इंसुलिन का भी लाभ नहीं हो पाता, ऐसे रोगियों में अयुर्वेदचार्य डायबिटीज निवारक आयुर्वेदिक काढ़ा चूर्ण औषधि देकर रोग के उपचार को सफलतापूर्वक कर लेते हैं | इस प्रकार न केवल मधुमेह से होने वाली कमज़ोरी और क्षय को ख़त्म किया जा सकता है अपितु इससे अन्य जटिल समस्यायों को उत्पन्न होने से भी रोका जा सकता है |

Other Benefits

  • डायबिटीज को जड़ से ख़त्म करने में सहायक
  • ब्लड शुगर को कम करता हे
  • दिल दिमाग लिवर और मूत्रपिंड पर होने वाले दुष्प्रभाव को रोकता हे
  • जख्म जल्दी भरने में सहायक
  • प्रतिकार शक्ति बढ़ाता हे
  • आखो के दुष्प्रभाव को रोकता हे
  • पाचन क्रिया में सुधार करता हे

सामग्री

गिलोय, कुटकी,बिल्व पत्र, हरड़, चिरायता,आंवला, काली जीरी ,बहेड़ा नीम पत्र वटी,चन्द्र प्रभा वटी चंद्रप्रभा वॅटी त्रिभंग भस्म : धात्री निशा वसंत कुसूमकर रस, जांबवास्वा, पथ्यक्श्यदित्रय कशाय, जामुन बीज चूर्ण (Eugenia jambolanum) , जामुन बीज चूर्ण (Eugenia jambolanum) : गुडमार पत्र चूर्ण (Gymnema sylvestre): विजयसार (Pterocarpus marsupium) न्यगरोधात्वक चूर्ण (Ficus bengalensis शिलाजीत (Rock Salt): तेजपत्र (Cinnamomum tamal मेथी दाना (Fenugreek seedsकरेले का रस (Momordica charantia) अमला (Emblica officinalis): हरिद्रा (हल्दी) (Curcuma longaचिरायता

सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में खाने के पहले blood में glucose का level 70 से 100 mg./dl रहता है। खाने के बाद यह level 120-140 mg/dl होता है पर मधुमेह हो जाने पर यह level सामन्य नहीं हो पाता |

डायबिटीज हो जाने पर क्या करें:

  • सुबह और शाम खाना खाने के पूर्व 1 चमच्च डायबिटीज निवारक आयुर्वेदिक चूर्ण जल्द से जल्द शुरू करे
  • नियमित रूप से blood sugar की जांच कराते रहे.
  • परहेज करना बहुत ही आवशयक है, असावधानी बाद में घातक हो सकती है. बाद में blindness, amputation या dialysis का सामना करने से कहीं आसान होगा परहेज करना.
  • स्वस्थ खाएं और active रहे. व्यायाम करके इस काफी हद तक control किया जा सकता है.
  • संभव हो तो खाना खाने के लिए अपने जैसा ही साथी चुने, इससे अपने जीभ को control करना आसान होगा.
  • पर्याप्त मात्रा में नीद लें.
  • सुबह या शाम को टहलने की आदत डालें.

Diet Chart

डायबिटीज में किन खाने-पीने की चीजों का सेवन करें :

रोजाना डायबिटीज निवारक आयुर्वेदिक काढ़ा चूर्ण सुबह और शाम खाना खाने के पूर्व 1 चमच्च, खूब पानी पीएं ,अंगूर, अनार का रस, भारतीय ब्लैकबेरी, केला,सेब, अंजीर, काली बेरी, कीवी फल, खट्टे,फल, ककड़ी, सलाद पत्ता, प्याज, लहसुन ,मूली,टमाटर, गाजर, पत्तियों, पालक शलजम, गोभी और रंगीन सब्जियों, बिना शक्कर फलों के रस, कच्चा केला, कच्ची मूंगफली, टमाटर, केले, खरबूजे, सूखे मटर, आलू, सेब साइडर सिरका, स्किम्ड दूधपाउडर, गेहूं,दलिया, बादाम, मटर, अनाज,छोला, बंगाल चना , काला चना,दाल , मकई , सोया अंकुरित फलियां, रोटी,गेहूं की भूसी, whole grain bread, मट्ठा, दही, इत्यादि भूख मिटाने के लिए खाएँ खीरा मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन खाने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से बार-बार भूख लगती है। ऐसी स्थिति में खीरा खाकर अपनी भूख मिटानी चाहिए। मधुमेह के रोगियों को गाजर और पालक का रस पीना चाहिए। इससे आँखों की कमजोरी दूर होती है।

डायबिटीज में किन खाने-पीने की चीजों का सेवन न करें :

धूम्रपान,चीनी, मिठाई,ग्लूकोज, मुरब्बा, गुड़, आइसक्रीम, केक, पेस्ट्री, मीठा बिस्कुट,चॉकलेट, शीतल पेय, गाढ़ा दूध, क्रीम,तला हुआ भोजन,मक्खन, घी, और हाइड्रोजनीकृत वनस्पति तेल, सफेद आटा,जंक फूड,कुकीज़, डिब्बा बंद और संरक्षित खाद्य पदार्थ, इत्यादि. नमक , मीट, मछली ,अंडा ,अल्कोहल, चाय,कॉफी, शहद , नारियल, अन्य नट, unsweetened जूस ,sea food ,इत्यादि.

ध्यान रखने योग्य:

व्यायाम तथा योगासन: किसी भी प्रकार का शारीरिक व्यायाम अथवा योगासन इस रोग के उपचार में सहायक हैं| मंडूकासन, पस्चिमोत्तनसन, विपरीतकरणी, हलासन तथा अन्य आसन एवम नाड़ी शोधन प्राणायाम जब नित्य रूप से किए जायें तो प्रमेह के उपचार में बहुत सहायता देते हैं| रोगी को दिन में शयन नही करना चाहिए (दिवास्वप्ना वर्जित).

Available for All Ages 2 Months Course

PRICE- Rs. 1750/- for course (all over india cash on delivery available)

$36 + Shipping Charges for Oversea.

मंगवाने के लिए निचे लिखा फॉर्म भरे